• दो दिन मे हुईं मौतें
  • दस गिरफ़्तार 
  • चार पुलिसकर्मी निलंबित 
  • सरकार ने विशेष कार्यबल बनाया
  • मुख्यमंत्री ने कहा कोई बख़्शा नहीं जाएगा
  • कमलनाथ ने कहा माफिया को संरक्षण क्यों देते हैं?
  • मौतों के बाद जागी पुलिस, विशेष मुहिम चालू

उज्जैन. इंडिया डेटलाइन. धर्म की नगरी में ज़हरीली शराब ने 14 लोगों की जान ले ली। इनमें दस मज़दूर हैं। पुलिस अधीक्षक ने टीआई समेत चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया और मुख्यमंत्री ने एसआईटी बनाकर गृह विभाग से रिपोर्ट माँगी है।

मिलावटी शराब से दो दिनों में चौदह लोगों की मृत्यु हो गई। बुधवार को सात मौतों की बात सामने आई थी। सुबह जब लोग जागे तब दो मज़दूरों के शव मिले। दो अन्य ने अस्पताल में दम तोड़ा। गुरूवार को भी नरसिंह घाट क्षेत्र व ढाबा रोड से दो मज़दूरों के शव मिले। इस मामले में दस लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। जिसमें शराब बेचने वाला सिकंदर,यूनुस व गब्बर निवासी हेलावाड़ी शामिल है। सरगना फ़रार बताया गया है।

बताया जाता है कि पिछले काफी दिनों से शहर की निचली व ग़रीब बस्तियों में अवैध रूप से शराब बेचने का धंधा चल रहा था। कुछ लोग तो ठेले पर शराब बेचते तक देखे जाते थे। पुलिस इसकी अनदेखी करती रही। मौतों के बाद जब राज्य शासन सख़्त हो गया, तब स्थानीय पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान शुरू किया। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को मामले की छानबीन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा है कि ज़िम्मेदारों को बख़्शा नहीं जाएगा। विशेष कार्यबल भी बनाया गया है। गृह विभाग के सचिव राजेश राजौरा शुक्रवार को उज्जैन का दौरा करेंगे। 

इधर कांग्रेस ने भी विधायक महेश परमार सहित चार लोगों की जांच टीम बनाई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूछा कि सरकार को माफिया से इतना प्रेम क्यों है? क्यों इन्हें संरक्षण दिया जा रहा है?

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