भोपाल. इंडिया डेटलाइन. मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने अपने नए चुनावी घोषणा पत्र के मुखपृष्ठ पर अब राहुल गांधी की तस्वीर चस्पा कर दी है। कमलनाथ के अलावा चार चेहरे गांधी परिवार के हैं। इसके अलावा, इसमें रानी लक्ष्मीबाई का विशेष जिक्र करने के खास राजनीतिक मायने हैं। कांग्रेस ने कहा है कि उसकी सरकार केंद्र सरकार के कृषि के क्षेत्र में लाए गए तीन नए कानूनों को मप्र में लागू नहीं करेगी। 

यह राज्य इकाई का कॉमन घोषणा पत्र, जिसे मुख्य वचन पत्र कहा गया, है। इसके पहले राज्य की 28 सीटों के लिए अलग-अलग वचन पत्र जारी किए गए थे। जिसमें राहुल गांधी की तस्वीर नहीं होने से बवाल मचा था। अब तस्वीर लगा दी गई है। उनके अलावा इंदिरा गांधी, सोनिया, प्रियंका की तस्वीरें हैं। हालांकि कांग्रेस में राहुल गांधी फिलहाल किसी पद पर नहीं हैं।

रानी लक्ष्मीबाई का जिक्र करते हुए कहा गया है ‘रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और शौर्य को प्रदेश में चिरस्थायी बनाने के लिए शैक्षणिक संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित होंगे।’ रानी लक्ष्मीबाई मध्यप्रदेश की महान वीरांगना थीं। प्रदेश में वर्षों कांग्रेस सरकार रही, तब इस तरह फोकस नहीं रहा। उन पर फोकस प्रतिक्रिया स्वरूप आया है। सिंधिया परिवार पर रानी लक्ष्मीबाई का साथ नहीं देने का आरोप लगता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया अब कांग्रेस से बाहर चले गए हैं।      

ये प्रमुख वादे किए

  • कोरोना से परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाएगी।
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर ₹800 प्रतिमाह कर दिया जाएगा। 
  • कोरोना संक्रमण काल में समर्पण भाव से काम करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि की जाएगी।

52 बिंदुओं वाले इस वचन पत्र को जारी करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि हमने वर्ष 2018 के वचन पत्र के 974 बिंदुओं में से 574 बिंदुओं को पूरा कर राजनीति के क्षेत्र में एक आदर्श स्थापित किया। 

जब कमलनाथ तिलमिलाए

काफी तनाव में नजर आते हैं। एक सप्ताह में लगातार तीसरी बार पत्रकारों के सवाल पर तिलमिलाते हुए नजर आए। आज घोषणा पत्र के लोकार्पण के समय उन्होंने भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार से कहा कि मुझे आप के आंकड़ों की जरूरत नहीं है। कहा जा रहा है कि कमलनाथ और मीडिया के रिश्ते में खटास बढ़ रही है। इसी सप्ताह अशोकनगर में जब एक पत्रकार ने कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के विवादित बयान पर प्रश्न किया और यह जानना चाहा कि क्या वह बरैया के बयान से सहमत हैं या नहीं, तो कमलनाथ लगभग डांटते हुए पत्रकार से प्रतिप्रश्न किया और उसके प्रश्न को भारतीय जनता पार्टी का प्रश्न बताया। इस बयान में फूल सिंह बरैया जाति विशेष के लोगों को प्रेरित कर रहे थे कि वह सवर्ण जाति की महिलाओं की लज्जा बंद करें।

बुधवार को एक वीडियो जारी हुआ जिसमें कमलनाथ कह रहे हैं कि मैं पत्रकारों से दूर रहता हूं। पत्रकार सिर्फ सवाल ही तो पूछते हैं। मैं शिवराज नहीं हूं, शिवराज तो आपके घर पहुंच जाएंगे। 

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