भोपाल. इंडिया डेटलाइन. राज्य में कोरोना के पैर पसारने की खबरें फिर आने लगी हैं। सरकारी बुलेटिन में चुनाव बीतने के बाद फिर कोरोना संक्रमण के भारी भरकम आँकड़े आने लगे हैं। इसमें मध्यप्रदेश में एक ही दिन में 1528 पॉज़िटिव दर्शाए गए हैं। राजधानी में एक ही दिन में 425 व इंदौर में 313 मरीज मिले। ग्वालियर में अचानक आँकड़ा उछल गया और विदिशा व रतलाम में बड़ी संख्या में मरीज सामने आ गए। सरकार ने ज्यादा असर वाले पाँच जिलों में रात का कर्फ़्यू लगाने के निर्देश दिए हैं। कोरोना बढ़ने से आने वाले विवाह समारोहों वह अन्य सामाजिक अवसरों पर संकट का साया पड़ रहा है। सरकार इनमें संख्या की पाबंदी लगाने जा रही है।

राज्य में कोरोना फिर पुरानी स्थिति की ओर लौट रहा है। दिल्ली और अन्य कुछ राज्यों में कोरोना की फिर एक लहर आने से आम आदमी आशंकित है। हालाँकि उसके मन में यह प्रश्न भी है कि चुनाव के पहले जो स्थिति थी, चुनाव बाद वही दिखाई देने लगी, तो कोरोना इस बीच कैसे कमजोर पड़ गया? यदि लोगों द्वारा लापरवाही बरतने की बात को सच माना जाए तो चुनावकाल से ज्यादा लापरवाही तो नहीं है। 

यद्यपि चुनाव की बात को परीक्षणों के संदर्भ में ही जाँचा जाएगा। चुनाव के दौर में कितने परीक्षण किए गए, यह आँकड़ों के सामने आने के बाद पता चलेगा। सूत्र चुनाव के दौरान परीक्षण कम किए जाने की बात कहते हैं।  यदि अन्य कारणों से कोरोना वायरस असरदार हो रहा है तो यह विशेषज्ञ विश्लेषण का विषय है और विशेषज्ञों को आम जनता की आशंकाएं दूर करनी चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि इंदौर में कल 800 मरीज मिले जिनमें से 313 की ही पुष्टि हो सकी। भोपाल में रिकॉर्ड 425 मरीज मिले। ग्वालियर जिले में कई दिनों बाद 101 पॉज़िटिव दर्ज किए गए। जबलपुर व उज्जैन में 60-60 तथा सागर में 30 प्रभावित मिले। सागर की सरकारी रिपोर्ट में 45 मरीजों के चौबीस घंटे में दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अनुसार विदिशा में 39 व रतलाम में 76 संक्रमित पाए गए। 

राज्य सरकार ने कोविड-19 की महामारी की रोकथाम के तारतम्य में फैसला किया है कि अधिक संक्रमण वाले इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम व विदिशा में कल 21 नवंबर से आगामी आदेश तक प्रत्येक रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक दुकानें व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। यह स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में कंटेनमेंट जोन को छोड़कर किसी भी जिले शहर क्षेत्र में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। अंतरराज्यीय एवं अंतर जिला परिवहन निर्बाध रूप से चल सकेगा। 

कक्षा 1 से 8 तक के समस्त स्कूल 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे। कक्षा 9 से 12 के स्कूली छात्र-छात्राएं एवं कॉलेज के छात्र छात्राएं विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्कूल कॉलेज आ जा सकेंगे। प्रदेश के समस्त जिलों में 21 नवंबर से जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों की बैठक आयोजित कर 22 नवंबर तक जिला कलेक्टर सुझाव सरकार को भेजेंगे। क्राइसेस मैनेजमेंट की बैठकों में विवाह व सामाजिक कार्यक्रमों में उपस्थिति के अधिकतम सीमा तय की जाएगी। साथ ही जिलों में कौन-कौन से कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं, इन बैठकों में तय होगा।

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