भोपाल. इंडिया डेटलाइन. सागर के युवा चिकित्सक डॉ. शुभम उपाध्याय का जीवन कोरोना ने छीन लिया। वे ऐसे कोरोना योद्धा हैं जिसने सेवा से किसी पल अपने को परे नहीं रखा। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों की सेवा करते हुए उन्हें संक्रमण हुआ। फेंफड़ों को नब्बे प्रतिशत क्षति हुई। भोपाल से उन्हें चैन्नई ले जाने की तैयारी थी और राज्य सरकार ने कल ही इलाज के लिए एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी। युवा उत्साही चिकित्सक के आकस्मिक चले जाने से बीएमसी सागर का पूरा चिकित्सक समुदाय ग़म में डूब गया। 

सागर जिला मध्यप्रदेश में छठवां सबसे संक्रमित जिला है। यहां कोरोना के 4239 मरीज सामने आ चुके हैं जिसमें से 140 की मृत्यु हो चुकी है। अब यहाँ कोरोना की दूसरी लहर आई है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में अब तक चौदह डॉक्टर लोगों का इलाज करते-करते खुद कोरोना के शिकार हो चुके है लेकिन डॉ. शुभम को रोग ने ऐसे जकड़ा कि उपचार भी कारगर न हो सका। बीएमसी के एक डॉक्टर ने बताया कि उनके फेंफड़े इतने क्षतिग्रस्त हो चुके थे कि उच्च दाब ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी जिसकी सुविधा केवल राजधानी में थी। लिहाजा भोपाल के चिरायु अस्पताल ले जाया गया। उन्हें दो दिन बाद ही एयर एम्बुलेंस से चैन्नई ले जाया जाना था।

डॉ. शुभम महज़ 26 साल के थे और वर्ष 2014 में चिकित्सा शिक्षा पूरी करके सरकारी सेवा में आ गए। उन्हें कोविड मेडिकल ऑफ़िसर बनाया गया था। उनके इलाज के लिए बीएमसी के साथी चिकित्सकों ने 27 लाख रुपए एकत्र किए थे। 

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