नई दिल्ली. इंडिया डेटलाइन. पंजाब-हरियाणा व उत्तरप्रदेश के सरहदी जिलों में गहराया किसान आंदोलन कल मंगलवार को देशव्यापी बंद करने जा रहा है। किसानों के आंदोलन को 24 छोटी-बड़ी पार्टियों का समर्थन मिला है। कांग्रेस सहित ये दल अपने-अपने राज्यों में प्रदर्शन करेंगे और बंद कराएँगे। आज उत्तरप्रदेश में सपा नेता अखिलेश यादव भी आज किसानों के समर्थन में सड़क पर आए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उप्र में कुछ और गिरफ़्तारियाँ हुई हैं। दक्षिण में भी किसान संगठन लामबंद हुए हैं। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने कल के प्रदर्शनों से निपटने के लिए एक एडवाइज़री जारी की है। 

किसान संगठनों की केन्द्र से पाँच दौर की बातचीत हो चुकी है जिसमें कोई निष्कर्ष नहीं निकलने से इन संगठनों ने मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया है। हालाँकि बुधवार को केन्द्र सरकार फिर आंदोलनकारी किसानों से बात करने जा रही है। उस पर दवाब बनाने के लिए कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया है जिनमें कॉंग्रेस, एनसीपी, राजद, कम्युनिष्ट पार्टियाँ, सपा, आप, टीएमसी और टीआरसी शामिल हैं।  कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु, उत्तरप्रदेश व जम्मू-कश्मीर के नेताओं ने एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी करके ‘भारत बंद’ का समर्थन किया है। राहुल गांधी ने कहा -’अंबानी-अडानी कृषि कानून’ वापस लिया जाए। 

किसानों के आंदोलन का आज 12वां दिन है। हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली को पड़ोसी राज्यों से जोड़ने वाली कई सड़कों पर डटे हुए हैं। कांग्रेस ने कहा है कि मंगलवार को भारत बंद के दौरान लोगों को होने वाली असुविधा के लिए केंद्र सरकार ज़िम्मेदार होगी। किसान नेता डॉ. दर्शन पाल ने दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर कहा कि हमारा बंद पूरे दिन रहेगा। दोपहर 3 बजे तक चक्का जाम होगा। यह एक शांतिपूर्ण बंद रहेगा। शाम को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेताओं ने कहा- कल पूरा दिन बंद रहेगा। यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा। हमारे मंच पर किसी राजनेता को जगह नहीं मिलेगी। 

कल सुबह 11 बजे से 3 बजे तक बंद: भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम शांति से प्रदर्शन करते रहेंगे। हम आम आदमी को परेशान नहीं करना चाहते। मंगलवार को भारत बंद का समय 11 बजे से 3 बजे तक इसीलिए रखा है, क्योंकि 11 बजे तक ज्यादातर लोग ऑफिस पहुंच जाते हैं और 3 बजे छुट्टी होनी शुरू हो जा किसान नेता निर्भय सिंह धुड़िके ने कहा- हमारा प्रदर्शन केवल पंजाब तक सीमित नहीं है। दुनियाभर के नेताओं का इसे समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण है। इस बीच, राजनीतिक दलों के नेताओं का आंदोलन स्थल पर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं और लोगों की आवाजाही रोकने तथा ज़बरन दुकानें बंद करवाने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

केजरीवाल सिंघू बार्डर पहुँचे: इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल किसानों से मिलने सिंघु बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘किसानों का मुद्दा और संघर्ष जायज है। हम किसानों के संघर्ष में शुरू से ही साथ रहे हैं। केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने हमसे 9 स्टेडियमों को जेल बनाने की परमिशन मांगी थी। हम पर खूब दबाव बनाया गया, लेकिन हमने परमिशन नहीं दी। केंद्र सरकार चाहती थी कि किसानों दिल्ली आएं और उन्हें जेल में डाल दें।’

सरकार ने बताया कि विपक्ष के नेताओं ने समर्थन किया था: केन्द्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तमाम विपक्षी दलों के नेताओं के बयान व चिट्ठियों का प्रेस कांप्लेक्स में हवाला दिया और बताया कि वे भी पूर्व में किस तरह नए कृषि सुधारों को लागू करने के पक्ष में रहे हैं। कानून मंत्री ने आँकड़े देकर यह भी स्पष्ट किया कि एक लाख से ज्यादा किसानों से वेबीनार के माध्यम से बात की गई थी। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को लेकर आज विपक्ष का दोहरा चरित्र सामने आया है। यह खतरनाक है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में मंडी व्यवस्था खत्म करने की बात कही थी। शरद पवार ने इसके लिए दो मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी भी लिखी थी। आज विपक्ष सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध कर रहा है। केजरीवाल ने पहले गजट पास किया, अब किसानों के पक्ष में खड़े हो गए हैं। आप कुछ करें तो वो किसानों का कल्याण है, हम करें तो आप सड़क पर उतर आते हैं।

मप्र में ट्रांसपोर्ट व थोक बाजार खुले रहेंगे: मध्यप्रदेश में 8 दिसंबर के भारत बंद को कांग्रेस ने समर्थन कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस ने बाकायदा पत्र जारी करते हुए सभी जिला कमेटियों को इसे प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले बंद को लेकर यहां कोई हलचल नहीं थी लेकिन कांग्रेस के आह्वान के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया है। चेकिंग के साथ संवेदनशील इलाकों में पुलिस तैनाती की तैयारी तेज कर दी गई है। ट्रांसपोर्ट और पुराने भोपाल का थोक किराना बाजार खुला रहेगा। भोपाल के गल्ला मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ज्ञानचंदानी ने बताया कि मंडी बंद नहीं रहेगी, लेकिन हम किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं। मंडी एक्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि मंडी बंद करने के लिए कम से कम 72 घंटे पहले सूचना देनी होती है, ताकि यहां आने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी ना हो। इसलिए भोपाल समेत मध्य प्रदेश की 255 मंडियों में नियमित काम चलेगा, लेकिन वाणिज्यिक कार्य नहीं होंगे। इसका असर किसानों और आम लोगों पर नहीं पड़ेगा।

भोपाल में चार ट्रेन निरस्त: दिल्ली की सीमाओं पर हो रहे किसान आंदोलन का असर अब ट्रेनों पर भी पड़ने लगा है। इसके कारण भोपाल से होकर जाने वाली 4 ट्रेन आज से निरस्त कर दी गई हैं। भोपाल मंडल द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार यह ट्रेन आंशिक रद्द की गई हैं। इसमें नांदेड़-अमृतसर एक्सप्रेस स्पेशल समेत अन्य गाड़ियां प्रभावित हुई हैं। किसान आंदोलन के चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। यात्रियों की इसकी सूचना एसएमएस से दी जाएगी।

विदेशों में समर्थन: संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता और ब्रिटेन के 36 सांसदों नें भारत में जारी किसान आंदोलन के बारे में कहा है कि किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का हक़ है।

अवार्ड वापस करने वालों को रोका: इससे पहले, किसानों के समर्थन में आज पंजाब के 30 एथलीट्स अवॉर्ड लौटाने राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

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