भोपाल में भाजपा की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह

भोपाल. इंडिया डेटलाइन. भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यकारिणी का शपथ समारोह आज राजधानी में उत्सवी माहौल में संपन्न हुआ। सड़कों पर सुबह प्रदेश भर से आए कार्यकर्ता अपने -अपने नेता के समर्थन में नारे लगाते हुए घूम रहे थे। आदिवासी अंचलों के लोगों ने नृत्य और गीतों से समां बाँधा। असल में यह भाजपा में पीढ़ी अंतरण का उत्सव था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जहाँ नए पदाधिकारियों को संगठन की छवि के अनुरूप व्यवहार करने की सीख दी, वहीं कार्यकर्ताओं से अपने तेवर वाले अंदाज में बेटियों की सुरक्षा, माफिया के खिलाफ मुहिम जैसी कार्रवाइयों पर एक बार फिर रुख स्पष्ट किया।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा की नई टीम में युवा और ताजा चेहरों की भरमार है। इनका शपथ समारोह प्रदेश भाजपा कार्यालय में सुबह ग्यारह बजे आयोजित किया गया। पार्टी पदाधिकारियों का ऐसा उत्सवी शपथ समारोह कम होता है लेकिन भाजपा ने इस बहाने नई टीम को तो उत्साहित करना ही चाहा, प्रदेश के कार्यकर्ता को भी आने वाले नगर निगम चुनाव के लिए मुस्तैद किया। सारे पदाधिकारी अपने-अपने जिलों से पूरे जलसे के साथ धूमधाम मचाते हुए भोपाल पहुँचे थे। शिवराज सिंह ने इसे लक्ष्य कर कहा भी -‘वीडी शर्मा की टीम में नई पीढ़ी की एंट्री। राजनीतिक दलों में पीढ़ी परिवर्तन होता है। दूसरी तरफ कमलनाथ की टीम में घिसे-पिटे लोग हैं।’ 

भाजपा में दो दशक बाद यह पीढ़ी परिवर्तन हो रहा है। कांग्रेस के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से प्रदेश की सत्ता छीनने के बाद वर्ष 2005 में शिवराज सिंह चौहान की ताजपोशी के साथ भाजयुमो वाली पीढ़ी सत्ता के साकेत में बिराजी थी। प्रह्लाद पटेल, नरेन्द्र सिंह तोमर, अजय विश्नोई, कमल पटेल, भूपेन्द्र सिंह ठाकुर, नरोत्तम मिश्रा जैसे नेता उसी पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं। इस पीढ़ी ने कैलाश जोशी, सुंदरलाल पटवा आदि की जगह ली थी। अब कहा जा रहा है कि विद्यार्थी परिषद वाली पीढ़ी भाजपा के संचालन से जुड़ रही है। इस संबंध में भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटैरिया का कहना है कि यह नए युग की नई भाजपा का प्रदर्शन था। यह हाई टैक भाजपा है, सोश्यल मीडिया पर एक्ट-रिएक्ट करती भाजपा है, सामने आकर लड़ने वाली पार्टी है।  देश की सत्तर फ़ीसदी आबादी युवा है इसलिए यह परिवर्तन अपरिहार्य है। वरिष्ठ पत्रकार शिवकुमार विवेक के अनुसार वक्त की नब्ज़ को समझने वाला हर दल नई पीढ़ी व युवाओं को तेेेेजी से आगे ला रहे हैं। हाल के चुनावों में इसके सुफल भी देखे गए हैं। केरल में वामपंथियों ने नगरीय निकायों की कमान युवा, यहां तक कि छात्रों तक के हाथों में सौंप दी। आने वाले विधानसभा चुनाव में इसे ज़बरदस्त तरीके से दोहराया जाएगा। यह सभी दलों के लिए सबक और चेतावनी दोनों है। भाजपा ने इसे सही समय पर समझ लिया है। 

मुख्यमंत्री ने अपने अंदाज में फिर कहा-सवा साल के वनवास के बाद सरकार में आए हैं, माफिया को जमीन में गाड़ देंगे। अनुसूचित जनजाति मोर्चा के  अध्यक्ष कलसिंह भाबर द्वारा सौंपे गए तीर-धनुष को दिखाते हुए चौहान ने कहा कि इस तीर से प्रदेश की जनता की रक्षा करेंगे और माफिया को जमीन में गाड़ देंगे। मुख्यमंत्री ने जल्दी ही अंत्योदय समितियों का गठन करने की घोषणा भी की। यह भी कार्यकर्ताओं को भागीदारी देने की कोशिश है। 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here