नई दिल्ली. इंडिया डेटलाइन. देश में कोरोना के मामले में अगले चार हफ्ते बहुत क्रिटिकल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह चेतावनी दी है। मंगलवार को कोरोना संक्रमण के 96 हजार 982 मामले आए। सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र लगातार बना हुआ है। देश के सबसे प्रभावित दस जिलों में से सात इसी प्रदेश के हैं। लेकिन आज स्वास्थ्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ व पंजाब में संक्रमण के तेजी पकड़ने पर चिंता जाहिर की। छग में मौतों का प्रतिशत भी तीन है जिसे छोटे राज्य के लिहाज से ज्यादा माना जा रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेशभूषण ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण  की दर चिंताजनक है। उन्होंने देश के हर वयस्क को टीका उपलब्ध कराने की मांग को खारिज किया। उन्होंने कहा कि अभी इसकी जरूरत नहीं है और हर देश में चरणबद्ध ढंग से टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देश के कुल सक्रिय मामलों में से 58 प्रतिशत अकेले महाराष्ट्र में हैं। इसी तरह कोरोना से हुई मौतों में कुल 34 प्रतिशत इसी राज्य में हुईं हैं।

इधर ओप इंडिया के एक विश्लेषण में  बताया गया है कि देश के सत्तर प्रतिशत कोरोना संक्रमण मामले कांग्रेस शासित राज्यों में हैं। ऐसे राज्यों में ही 43 प्रतिशत मौतें हुई हैं। देश में सबसे ज्यादा टेस्टिंग उत्तर प्रदेश (3.6 करोड़), बिहार (2.4 करोड़) और कर्नाटक (2.2 करोड़) ने की है। तीनों ही राज्यों में भाजपा की सरकार है। टेस्टिंग के मामले में झारखंड और पंजाब का प्रदर्शन काफी खराब है। दोनों जगह कॉन्ग्रेस है।

देश के 5 राज्यों में चुनाव हो रहे हैं। देश के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव होने हैं। रेलवे और विमान सेवाएँ चालू हैं। ऐसे में, क्या आपको पता है कि देश के कुछ सक्रिय कोरोना संक्रमितों में से 68.94% उन 5 राज्यों में हैं, जहाँ कॉन्ग्रेस की सरकार है या पार्टी सरकार में साझीदार है।

और हाँ, इन 5 राज्यों में चुनाव नहीं हैं। ये राज्य हैं- महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, राजस्थान और झारखंड। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पूरे देश में सक्रिय कोरोना मामलों का गढ़ बना हुआ है। देश में फ़िलहाल कोरोना के कुल 7,85,787 सक्रिय मामले हैं, जिनमें से 5,41,740 इन्हीं 5 राज्यों में हैं। अकेले महाराष्ट्र में कोरोना के 4,51,375 सक्रिय मरीज हैं, जो देश के कुल सक्रिय संक्रमितों का 57.44% बैठता है।

अगर महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सक्रिय कोरोना मामलों को मिला दें तो ये आँकड़ा 4,95,671 हो जाता है। यानी देश के कुल सक्रिय मामलों का 63.08% के बराबर। ये दोनों राज्य टॉप पर बैठे हुए हैं। यहाँ न सिर्फ कोरोना, बल्कि कई दूसरी समस्याएँ भी सिर उठा कर खड़ी हैं।

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