भोपाल. इंडिया डेटलाइन. क्या मध्यप्रदेश में कोरोना की हालत बेकाबू हो चुके हैं और प्रशासन मौत की सही जानकारी नहीं दे रहा है? प्रशासन स्पष्ट तौर पर इससे इनकार करता है किंतु भोपाल के अखबारों में प्रकाशित खबरों से पता चलता है कि प्रदेश में कोरोना से मौतों में यकायक इजाफा हो गया है और आंकड़े उससे कहीं अधिक हैं जो सरकार बता रही है। 

प्रशासन के कोरोना मृत्यु के आंकड़े स्थिति की भयावहता को छुपा रहे हैं। बावजूद इसके कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह इस मामले में जनता को जागरूक करने की दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दैनिक ‘नवदुनिया’ की आज प्रकाशित रिपोर्ट कहती है कि प्रशासन की स्वास्थ्य बुलेटिन में झूठ परोसा जा रहा है। बुलेटिन के हिसाब से मार्च 2020 से 6 अप्रैल 2021 तक करीब 640 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है जबकि इस श्मसान घाट के रजिस्टर पलटाने में एक बड़ा खुलासा हुआ है। कोरोना संक्रमण से सिर्फ भोपाल जिले के 874 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस तरह 234 मौत का आंकड़ा सरकार छिपा रही है। 

राजधानी में मंगलवार को भदभदा विश्राम घाट में 18 और झदा कब्रिस्तान में 19 पॉजिटिव मरीजों का अंतिम संस्कार किया गया। बावजूद इसके सरकार द्वारा जारी किए गए बुलेटिन में शहर में 2 मौत होने का दावा ही किया गया है। हैरत की बात तो यह है कि भदभदा विश्राम घाट में जिन संक्रमित मरीजों की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार किया गया, उनमें से 11 शव भोपाल के थे। 

एक दिन पूर्व’पत्रिका’ की एक रिपोर्ट ने बताया कि सरकारी तौर पर भोपाल में 3 दिन में चार कोरोना मरीजों की मौत बताई गई है जबकि अकेले हमीदिया अस्पताल में 18 मौतें हुई हैं। जेपी अस्पताल में चार और दो निजी मेडिकल कॉलेजों में 17 संक्रमितों की मौत हुई। मौतों का यह आंकड़ा और ज्यादा हो सकता है क्योंकि 20 से ज्यादा निजी अस्पतालों में कोविड मरीज हैं और ये अस्पताल सरकार को जानकारी भी नहीं भेजते। इधर, शाजापुर में बीते 5 दिनों में 22 मौतें हुईं जबकि सरकारी रिपोर्ट में कोरोना से सिर्फ एक मौत का जिक्र है। रतलाम में भी 18 मौतों में से सिर्फ दो को कोरोना के रिकॉर्ड में रखा गया है। 

भोपाल से प्रकाशित अखबारों में श्मशानों की स्थिति पर समाचार कथाएं प्रकाशित हुई हैं, जो बताती हैं कि कोरोना के होने वाली मृत्यु का आंकड़ा बहुत ऊपर जा रहा है। ‘पत्रिका’ लिखता है कि स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन में रोज कोरोना से एक मौत बताते हुए आंकड़े छुपाए जा रहे हैं। लेकिन श्मशान घाट, कब्रिस्तान और अस्पतालों के आंकड़े हकीकत बता रहे हैं। भदभदा विश्राम घाट में सोमवार को 14 कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार हुआ। रात में लकड़ियां कम पड़ीं तो दो शवों को सुभाषनगर विश्राम घाट ले जाने को कहा गया।  इस प्रकार सोमवार को ही कोरोना से मरने वाले 19 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ। अस्पताल के सूत्र भी रोज आधा दर्जन मौत बता रहे हैं। इधर कब्रिस्तान में भी पिछले 10 दिनों में 21 लोगों को दफन किया गया।

दैनिक नवदुनिया में मंगलवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार राजधानी में 14 पॉजिटिव मरीजों के शव भदभदा विश्राम घाट पर पहुंचे। इनमें से 9 शव भोपाल के थे। इन्हें प्लास्टिक के बैग में अमानवीयता से भरकर भेजा गया था। एक ही एंबुलेंस में 8 से 9 शव भरे हुए थे। खबर के मुताबिक झदा कब्रस्तान के अध्यक्ष रेहान अहमद गोल्डन ने बताया कि पिछले 1 सप्ताह में कब्रिस्तान में 15 शव आ चुके हैं। नवदुनिया की रिपोर्ट कहती है कि प्रशासन श्मसान घाट और अस्पतालों से भी मौत के आंकड़े जुटाने की तैयारी कर रहा है। इधर कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने स्पष्ट तौर पर सरकार पर आपने छिपाने का आरोप लगाया है।

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