भोपाल. इंडिया डेटलाइन. भारतीय जनता पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई ने आज रात अपनी कार्यसमिति, विशेष आमंत्रित और स्थाई आमंत्रित सदस्यों की सूची जारी कर दी।  पहली बार सूची में सदस्यों की जातियां गिनाई गईं। यही नहीं, उपजाति भी बताई गई। विवाद खड़ा होने पर कुछ ही मिनट में जातियां हटा दी गईं। ं

 सूची में कुछ नेताओं की जाति गृत लिखी गई थी। जातियों -उपजातियों के प्रकाशन को लेकर भी सवाल उठ रहे थे। 162 सदस्यों की सूची में ब्राह्मणों की भरमार है। खबर लिखने तक सूचना मिली है कि जातियों को लेकर आलोचना के घेरे में आने के डर से सूची को डिलीट कर दिया गया। कुछ देर पहले ही व्हाट्स एप ग्रुप पर सूची जारी हुई थी। मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने यह सूची जारी की थी।

इस सूची में 32 ब्राह्मणों को स्थान दिया गया जबकि तीन कायस्थ, वैश्य-जैन समुदाय से 21 और सिंधी समाज से दो लोगों को लिया गया । कार्यसमिति के 91 सदस्य सामान्य वर्ग से हैं अर्थात लगभग साठ प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिला ।

समिति में ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट को समाहित किया गया । कार्यसमिति में ऐंदल सिंह कंसाना, तुलसीराम सिलावट, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी,महेंद्र सिंह सिसौदिया, केपी सिंह यादव, गोविंद सिंह राजपूत,बिसाहूलाल सिंह,राजवर्धन दत्तीगांव, सुमित्रा कास्डेकर,हरदीप सिंह डंग को शामिल किया गया।

विशेष आमंत्रित सदस्य 218 और स्थाई आमंत्रित सदस्य 23 हैं। दिलचस्प बात यह है कि स्थाई आमंत्रित सदस्यों में वरिष्ठ नेता शामिल होते हैं जिनकी भी जातियां बताई गईं हैं। जैसे शिवराज सिंह धाकड़ हैं तो ज्योतिरादित्य सिंधिया राजपूत।

कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि नाम भारतीय जनता पार्टी,पहले देश को धर्म, सम्प्रदायों में बांटा, अब मप्र में पार्टी की कार्यसमिति की घोषित सूची में वर्ग व जाति का कॉलम रखा। पार्टी की ओर से केके मिश्रा ने ट्वीट किया।

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